खेसरहा ब्लॉक के भेडौहा ग्राम पंचायत अधिकारी अनिल कुमार निगम ने ग्राम प्रधान की मिली भगत से सरकार को करीब 87 लाख रुपये की चपत

सिद्धार्थनगर: खेसरहा ब्लॉक के भेडौहा ग्राम पंचायत अधिकारी अनिल कुमार निगम ने ग्राम प्रधान की मिली भगत से सरकार को करीब 87 लाख रुपये की चपत लगाई है। डीएम दीपक मीणा के आदेश पर हुई जांच में ग्राम प्रधान और सेक्रेटरी सरकारी गबन के दोषी पाए गए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी एके सिंह ने सोमवार को संबंधित सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया। ग्राम प्रधान के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी चल रही है।


सेक्रेटरी पर कायाकल्प योजना, पुलिया निर्माण, 14वां वित्त आयोग द्वारा कराए गए कार्य, स्वच्छ भारत मिशन के तहत लाभार्थियों के खाते में पैसा न भेजकर ठेकेदार को भुगतान करने सहित कई गंभीर आरोप हैं। जांच में सामने आया है कि आपरेशन कायाकल्प के अन्तर्गत पूर्व माध्यमिक व प्राथमिक विद्यालय के कायाकल्प के मद में दो लाख 28 हजार रुपये आहरित किया गया लेकिन मौके पर कोई काम नहीं कराया गया। वर्ष 2017-18 में राज्य वित्त आयोग व 14वें वित्त आयोग के अन्तर्गत विभिन्न कार्यों पर 12 लाख रुपये व्यय किया गया, लेकिन सत्यापन के दौरान मौके पर कोई कार्य नहीं पाया गया। इसी तरह से चार पुलिया के निर्माण पर दो लाख रूपया खर्च कर दिया लेकिन मौके पर पुलिया पर निर्माण ही नहीं कराया गया। स्वच्छ भारत मिशन के तहत कुल पांच सौ शौचालय की 60 लाख की धनराशि लाभार्थियों के खाते में भेजने के बजाय किसी फर्म व व्यक्ति का निर्गत कर दिया गया। जो शासनादेश के विरूद्ध है। इसी तरह से विभिन्न योजनाओं के मद पर 51 लाख रूपया आहरित कर लिया गया लेकिन मौके पर कोई कार्य नहीं कराया गया। वृद्धावस्था पेंशन योजना में भी ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा गबन किया गया है। अधिकारी द्वारा सात मृतकों के खाते में धन हस्तान्तरित किया गया। तथा 53 अपात्र पाए गए, सत्यापन के दौरान 53 लाभार्थियों में से एक को छोड़कर कोई भी अपना परिचय पत्र नहीं दिखा सका। योजनाओं में गोलमाल को लेकर जिला पंचायत राज अधिकारी ने कार्रवाई करते हुए निलंबित कर दिया है। इस बावत पूछने पर डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह ने बताया कि सेक्रेटरी को निलंबित कर दिया गया है। संबंधित ग्राम प्रधान पर भी कार्रवाई की जाएगी।